दर्द की दवा free. Bilkul free

 *दर्द की दवा*


(458) उसमान बिन अबू अल-आस रदी अल्लाहु अन्हु से रिवायत है की रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैहि वसल्लम से उस दर्द का बयां किया जो उनके बदन में उस वक़्त पैदा हो गया था जब वो मुसलमान हुए थे , तो रसूल-अल्लाह सल-अल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया तुम अपना हाथ दर्द वाली जगह पर रखो और


 3 बार बिस्मिल्लाह कहो


 और उसके बाद 7 बार ये दुआ पढ़ो 


أَعُوذُ بِاللَّهِ وَقُدْرَتِهِ مِنْ شَرِّ مَا أَجِدُ وَأُحَاذِرُ

आउज़ुबिल्लाही व क़ुदरतीही मिन शर्री मा आजिदु व उहाज़िरू 

( तर्जुमा : पनाह में आता हूँ मैं अल्लाह सुबहानहु की और उसकी क़ुदरत की , उस चीज़ की बुराई से जिसको मैं अपने अन्दर महसूस करता हूँ और जिस से डरता हूँ )

सही मुस्लिम, जिल्द 5, 5737

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